Managing-Trustee

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तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज: हमारे प्रेरणा स्रोत ​"शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार और मानव सेवा का मार्ग है।" — परम पूज्य सद्गुरुदेव तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज ​हमारे मार्गदर्शक एवं प्रेरणापुंज ​कल्याणिका महाविद्यालय (बी.एड. कॉलेज) की स्थापना परम पूज्य सद्गुरुदेव तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद, पावन संकल्प और सूक्ष्म दिशा-निर्देशन का परिणाम है। अमरकंटक की पवित्र भूमि पर शिक्षा, अध्यात्म और जन-सेवा का जो वटवृक्ष आज लहरा रहा है, उसकी जड़ें पूज्य महाराज जी के उच्च विचारों और कठोर तपस्या में निहित हैं। ​संस्कारयुक्त शिक्षा: पूज्य गुरुदेव का सदैव यह मानना रहा है कि एक उत्कृष्ट शिक्षक वही है जो ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का सिंचन करे। ​सेवा ही धर्म: समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुँचाना और भावी शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना आश्रम का मुख्य ध्येय है। ​अध्यात्म और आधुनिकता का संगम: कॉलेज परिसर में अनुशासन, योग, और अध्यात्म के साथ-साथ आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों का सुंदर समन्वय पूज्य गुरुदेव की दूरदृष्टि को दर्शाता है। ​न्यासी संदेश ​"कल्याणिका महाविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि ऐसे भावी राष्ट्र-निर्माताओं (शिक्षकों) को गढ़ना है जो पूज्य गुरुदेव के दिखाए 'सेवा, समर्पण और संस्कार' के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दे सकें हो।.

  • “स्वामी हिमाद्री महाराज”